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Sunday, May 19, 2019

website ko keyboard se kaise estmaal kare


वेबसाइट को कीबोर्ड से कैसे इस्तेमाल करें


website ko keyboard se kaise estmaal kare
बहुत कम लोग जानते हैं कि जिस तरह विंडोज के किसी प्रोग्राम में कीबोर्ड का इस्तेमाल किया जाता है, वैसे ही वेबसाइट पर भी कीबोर्ड का इस्तेमाल किया जा सकता है। जीमेल से लेकर गूगल मैप तक और बीबीसी के आईप्लेयर से लेकर याहू की कई सेवाओं में कीबोर्ड के इस्तेमाल की सुविधा है।


आमतौर पर लोग विंडोज में कीबोर्ड का इस्तेमाल करते है, लेकिन आप वेवसाइट में भी कीबोर्ड का इस्तेमाल कर सकते है। साइटस पर नेविगेट करने के लिए कीबोर्ड शानदार विकल्प है


मिसाल के तौर पर जीमेल के तमाम बेसिक आँपरेशंस को आप कीबोर्ड से कंट्रोल कर सकते हैं। जीमेल की ओऱ से बाई डिफाॅल्ट इसकी सेवा दी गई है। इसके फुल रेंज कीबोर्ड सपोर्ट को इस्तेमाल करने के लिए आपको इसे एक्टिवेट करना होगा। इसके सेटिंग्स आईकाॅन पर क्लिक करें औऱ फिर सेटिंग पर क्लिक करें। वहां आपको स्क्राॅल डाउन करके नीचे जाना होगा, जहाॅ आपको  कीबोर्ड शाॅर्टकट आँन का विकल्प दिखाई देगा, ऊपर क्लिक करें और फिर स्क्राँल करके पेज के एकदम निचले हिस्से में जाएं औऱ सेव चेंज पर क्लिक कर दें।

जीमेल ने टैब्ड इंटरपेस की सुविधा दी है। इसमे कीबोर्ड का शार्टकट बेहतर तरीके से नेविकेट करने की सुविधा देता है।इसके लिए आपके Shift के  साथ +# को दबाना होगा, इससे बारी-बारी से आफ एक टैब से दूसरे में जा सकेंगे। इसी तरह आप N एन औऱ P पी कुंजियों का इस्तेमाल करकेे कन्वर्शेसन के दौरान अगला और पिछला मैसेज देख सकते हैं। एन की  से आप आगे बढेगे और P से पीछे हटेगे। आप शिफ्ट और पी से मैसेज को मार्क कर सकते है । इसका मतलब होगा कि मैसेज पढा जा चुका है औऱ आप आगे के ऩए मैसेज की ओर बढ़ सकते है। 



जीमेल ने G और I कुंजियों से एक बहुत शानदार सुविधा दी है। ये काॅॅम्बो कुंजियों हैं, जिसमे पहले आप G कुंजी को दबाएंगे और फिर उसे रिलीज करने के बाद आई दबाएंगे तो कहीं भी रहेगे, वहां से इनबाॅक्स में लौट जाएगे। ! से आप किसी मैसेज को स्पैम के तौर पर चिन्ह कर सकते है। औऱ इसे कन्वर्शसन लिस्ट से बाहर कर सकते है। 


आप प्रश्नवाचक चिन्ह (?) से आप जीमेल में उपलब्ध तमाम कीबोर्ड शाॅर्टकट की लिस्ट हासिल कर सकते है। कीबोर्ड में सबसे ऊपर बांयी ओर बने ESC Key  को दबाएं औऱ इनबाॅक्स में जाएं या ओफन न न्यू विंडो पर क्लिक करेंगे तो पूरी लिस्ट एक अलग विंडो में आँनस्क्रीन दिखाई देने लगेगी।

website ko keyboard se kaise estmaal kare
इससे इसके इस्तेमाल के बारे में समझना ज्यादा आसान होगा। गूगल मैप्स में भी आप कीबोर्ड के कई शार्टकट का इस्तेमाल कर सकते हैं। गूगल मैप्स और स्ट्रीय व्यू दोनो के लिए इसका इस्तेमाल हो सकता है। गूगल के बिल्कुल नए संस्करण में भी ये शार्टकट्स काम करते है। इसकी साइट से आपको इसके बारे में विस्तार ये जानकारी मिल जाएगी। आपने विंडोज में पेज को ऊपर-नीचे-दाएं-बाएं के लिए दाहिने हाथ पर बनी चार कुंजियों का इस्तेमाल किया होगा।


आप अगर यूबटूव पर गाने सुने रहे हैं या वीडियों देख रहे हैं तो उसे भी कीबोर्ड की मदद से कंट्रोल कर सकते हैं। मिसाल के तौर पर स्पेस बार को टैप करके वीडियो को बीच में रोक सकते हैं और उसी से दोबारा चालू भी कर सकते हैं। विंडोज बटन को दबा कर आप  वीडियो के बिल्कुल शुरू में लौट सकते हैं। बीबीसी आई प्लेयर की तरह इसमें भी आप 1 से 9 की कुंजियों की मदद से वीडियो को आगे बढ़ा सकते हैं। एक से दस फीसदी वीडियो आगे बढेगा।

 

Saturday, May 18, 2019

command promt ko kaise enable karege


कमांड प्राम्प्टस को कैसे इनेबल करेंगे


रजिस्ट्री में बदलाव के अलावा हैकिंग का दूसरा मुख्य टूल कमांड प्राप्त है। ऊपर बताया जा चुका है कि कमांड प्राम्प्टस के जरिए कमांड देकर आप विंडोज को बेहतर तरीके से इस्तेमाल कर सकते है। विंडोज एक्सपी, विस्टा औऱ विंडोज 7  में कमांड प्राम्प्ट प्रोग्राम और उसके बाद एक्सेसरीज में जाकर हासिल किए जा सकते है। विंडोज 8 में कमांड प्राम्प्टस तक पहुंचने के लिए स्टार्ट क्लिक करके सर्च बाॅक्स में कमांड प्राम्प्ट टाइप करना होगा। 



कई बार ऐसा भी होता है कि कमांड प्राम्प्ट को आपको एडमिनिस्ट्रेटर के जरिए चलाना होता है, हालांकि एक्सपी में ऐसा नहीं होता है। विस्टा या विंडोज 7 औऱ 8 में एडमिनिस्ट्रेटर के जरिए कमांड प्राम्प्ट चलाने के लिए  आपको सिर्फ इतना करना है कि इसके आईकाॅन पर राइट क्लिक करना है और वहां रन एज एडमिनिस्ट्रेटर सेलेक्ट करना होगा।

 command promt ko kaise enable karege
हमारा सुझाव है कि आप विंडोज 7 और 8 में कमांड प्राम्प्ट को टास्कबार में पिन कर दे। इससे इसका इस्तेमाल बहुत आसान हो जाएगा। इसके लिए आईकाॅन पर राइट क्लिक करें और पिन टू टास्कबार के आॅप्शन को चुने। इससे आप कंट्रोल औऱ शिफ्ट के जरिए बतौर एडमिनिस्ट्रेटर


राइट क्लिक मेनू में आइटम जोड़े 

आप विंडोज में किसी भी जगह पर खाली एरिया में माउस को राइट क्लिक करते है तो पाॅप अप विंडोज में कई किस्म के आँप्शन दिखाई देते है। आमतौर पर कट, पेस्ट, सिलेक्ट, डिक्शनरी आदि के आँप्शन इमसे आते हैं। कितना अच्छा होता कि आप इसमे और ज्यादा फीचर्स के आँप्शन जोड देते। फिर ज्यादातर फीचर आपके माउस के राइट क्लिक पर आ जाते । 


आमतौर पर जब कि आप कोई नया प्रोग्राम डाउनलोड करते है तो उसे डेस्कटाॅप पर सेव करते है औऱ कुछ ही दिन के बाद आप डेस्कटाॅप ही हालत ऐसी हो जाती है कि आफ वहां प्रोगाम के आईकान आसानी से नहीं है खोज पाते बै। इसका भी समाधान यहीं है कि आप माउस के राइट क्लिक में कुछ प्रोग्राम को जोड दे।


इसके लिए सबसे पहले Regedit  को लांच करें और उसे key  को एक्सपैंड करें, जैसे   HKEY_CLASSES_ROOT_DICTIONARY/BACKGROUP/SHELL   और वहां नेविगेट करें। अब KEY को राइट क्लिक करें और फिर न्यू औऱ key क्लिक कर दे। अब उस प्रोग्राम का नाम टाइप करें, जिसे आप मेनू में शामिल करना चाहते है। मिसाल के तौर पर आप वर्ड पैड को उसमें शामिल करना चाहते हैं। तो इस नए key को सिलेक्ट करें, राइट क्लिक करें, फिर न्यू और key चुने ताकि subkey बनाई जा सके। अब इस कमांड को एक नाम दें। हमारा सुझाव है कि आप नाम देने के लिए लोअर केस के अक्षरों का इस्तेमाल करें। 



अब सब की को सिलेक्ट करें और राइट पैन में डिफाल्ट को राइट क्लिक करें। अब write.exe टाइप करें और ओके पर क्लिक कर दे। इस तरह से आप कितने भी प्रोग्राम राइट क्लिक के मेनू में जोड़ सकते है। अगर यह टिवक काम नहीं करता है तो इसका मतलब है कि आपको प्रोग्राम्स के फाइल की एक्जैक्ट लोकेशन का इस्तेमाल करना होगा। मिसाल के तौर पर आपको फाइल तक पहुंचने के लिए c:/window/system32/write.exe टाइप करना होगा 

Wednesday, May 15, 2019

Duplicate file kaise hataye

डुप्लीकेट फाइल कैसे हटाए

क्या आपको पता है कि चाहे-अनचाहे आपके सिस्टम में कंप्यूटर की लगभग हर फाइल की डुप्लीकेट काॅपी बनती जाती है और हार्डडिस्क के किसी कोने में स्टोर होती जाती है। गानो ले कर फोटो औऱ टेक्स्ट फाइल से लेकर स्प्रेडशीट तक सभी फाइलो की डुप्लीकेट फाइल बनती है। बहुत से लोग इस बारे में जानते है, लेकिन  वे इससे बच नहीं पाते है। इसकी नतीजा यह होता है कि सिस्टम स्लो हो जाता है।लेकिन किसी भी नए साॅफ्टवेयर को आजमाने से पहले आपको ध्यान रखना चाहिए कि कोई भी फाइल आप तब तक डिलीट नहीं करेंगे, जब तक इसकी दूसरी काॅपी आपके पास सुरक्षित न हो।


  1. सबसे पहले वेब ब्राउजर लांच करें और उसके एड्रेस बार में www.digitvolcano.co.uk टाइप कर एंटर करे यहां आपको विंडोज के लिए कई उपयोगी औऱ बिल्कुल मुफ्त साॅफ्टवेयर मिलेंगे, लेकिन अभी होम पेज पर बांयी ओऱ इस साॅफ्टवेयर का आईकाॅन देख कर उस पर क्लिक करें फिर अगले पेज पर डाउनलोड बटन पर क्लिक करें। जब डाउनलोड बाॅक्स दिखाई दे तो उस पर दिए लिंक को क्लिक करें औऱ डाउनलोड करें।
  2. सिक्योरिटी के चेतावनियों का अनदेखी करते हुए सेव पर क्लिक करें औऱ डाउनलोड फाइल के लिए एक लोकेशन चुन कर वहां उसे सेव करे। आमतौर पर इसे डेस्कटाॅप पर ही सेव किया जाता है। अब डेस्कटाॅप पर इस नए प्रोग्राम के आईकाॅन पर डबल क्लिक करें। अब फिर सिक्टोरिटी वार्निग आएगी, लेकिन उसकी अनदेखी करके रन पर क्लिक करें औऱ इंस्टाॅलेशन विजार्ड के बताए निद्रेशों को फाॅलो करें। अगर चेक द अपडेट बटन के विकल्प वाला बाॅक्स सामने आए तो उस पर क्लिक करें और बताए गए निर्देशों को फाॅलो करें।
  3. हमारा सुझाव है कि हार्डडिस्क में किसी भी फाइल को डिलीट करने से पहले उसका बैकअप जरूर ले। 
  4. यह सुनिश्चित करें कि डुप्लीकेट क्लीनर स्क्रीन सर्च क्राइटेरिया टैब सिलेक्ट किया हुआ हो अब बांयी ओर सी फोल्डर पर क्लिक करें। फिर नीले रंग के तीर के निशान को क्लिक करें। अब फाइल सर्च पैनल में सिलेक्ट बटन को क्लिक करें, म्यूजिक डाटा चुने और फिर सिलेक्ट पर क्लिक रें। फिर गो पर क्लिक करें । अब साॅफ्टवेयर अपने आप पूरी डिस्क में हर तरह के डुप्लीकेट आँडियो फाइल की तलाश करेगा।
  5. आपके हार्डडिस्क के आकार के हिसाब से डुप्लीकेट फाइल की तलाश पूरी होगी। जब साॅफ्टवेयर की स्कैनिंग पूरी हो जाएगी तो यह छांटी गई फाइलो को एक सूची आपके सामने पेश करेंगा। फर्ज कीजिए इसने 90 फाइल ऐसी छोटी, जो इसे लगता है कि डुप्लीकेट है। अब आप प्रोग्राम को बंद कर देगे औऱ स्क्रीन पर दिखाई 
  6. आगे आप साइड काॅलम पर क्लिक करें, इससे हर फाइल के सामने उसका दिखाई देगा औऱ आप चाहें तो इसे ऐसे एडजस्ट कर सकते हैं, जिससे सबसे ज्यादा बड़ी फाइल सबसे ऊपर आ जाएगी। आप पांचवे और छ: चरण में बताए गए उपाय से फाइल की साइज, उसके स्टोरेज आदि की जानकारी ले सकते है। इसमे आपको फर्ज कीजिए दो एक ही नाम औऱ एक ही आकार की फाइल दिखाई देती है। तो आपके लिए इनके बारे में फैसला करना आसान हो जाता है। Duplicate file kaise hataye
  7. जब आपको एक ही नाम औऱ एक ही आकार की दो फाइल दिखाई दे तो उनमें से किसी एक डिलीट करना आपके लिे आसान हो जाता है। फिर भी कोई संदेह हो तो आप फाइल पर डबल क्लिक करके उसे प्ले कर सकते है। दोनो आडियो फाइल को सुनने के बाद पक्का हो जाएगा कि एक फाइल डुप्लीकेट है।

Thursday, May 9, 2019

kaise kaam kerta hai internet


कैसे काम करता है इंटरनेट

एक पुरानी कहावत है कि गाड़ी चलाने के लिए मैकेनिक होना जरूरी नहीं  होता है। लेकिन अगर आप गाड़ी के कुछ तकनीकी पहलुओं को जानते हों, गाड़ी के मैकेनिकल पार्ट औऱ उनके फंक्शन को समझते हों तो ड्राइविंग ज्यादा बेहतर हो सकती है।


 बिल्कुल यही बात इंटरनेट यूजर्स पर भी लागू होती है। नेट यूज करने के लिए उसकी तकनीक से वाकिफ होना जरूरी नहीं है, लेकिन अगर आप थोड़ी बहुत तकनीक जानते हैं तो इंटरनेट का इस्तेमाल आपके लिए ज्यादा आसान हो जाएगा औऱ साथ ही नेट का अनुभव भी आपके लिे बदल जाएगा। जब आप नेट के बारे में जानेगें तो उससे जुडी शब्दीवली भी आपके सामने आएगी औऱ उससे एक नया संसार आपके सामने खुलेगा।

सबसे पहले तो यह बुनियादी बात आपको पता होनी चाहिए कि इंटरनेट कंप्यूटरों का एक वैश्विक नेटवर्क है। यानी आप इंटरनेट यूूज कररहे है तो आपका कंप्यूटर अपने आप आपके पड़ोसी, दोस्तो औऱ रिश्तेदारों से जुडा हुआ है। आफ बना कुछ किए गूगल, याहू से लेकर अफने दफ्तर के कंप्यूटर तक से जुडे होते है


आपका कंप्यूटर अपने आप दूसरे कंप्यूटरों से अपनी भाषा में बात करता रहता है। इनकी एक अलग साझा औऱ खास ढंग से विकसित की गई भाषा होती है। यू तो इंटरनेट की खोज 1960 के दशक  में हो गई थी। लेकिन तब इसका इस्तेमाल कुछ खास जगहों पर मिलिट्री औऱ एकडमिक संस्थाओं के आपसी नेटवर्क के लिए होता था। आधुनिक इंटरनेट की शुरूआथ करीब 20 साल पहले हुई है। करीब 20 साल पहले एक वैज्ञानिक ने अपने दस्तावेज के प्रेजेंटेशन के लिए हाइपरलिंक्स का इस्तेमाल किया था, उसे ही आज हम वल्ड वाइड वेब (WWW - WORLD WIDE WEB) नाम से जानते है।


दुनिया भर के अरबों कंप्यूटर जो आपस में जुडे होते है, उनका नेटवर्क बुनियादी रूप से केबल के जरिए जुड़ा होता है। यह किसी भी केबल से जुडा हो सकता है। चाहे आपके घर में लगा टेलीफोन का केबल हो या प्रकाश की गति से डाटा ट्रांसफर करने वाला आँप्टिक फाइबर केबल हो, सब आपके कंप्यटूर को दूसरे कंप्यूटर से कनेक्ट करते हैं। 


ज्यादातर लोग, जो इंटरनेट से जुडे होते है उनके इस जुडाव का जरिया एसिनक्रोनस डिजिटल सब्सक्राइबर लाइन यानी एडीएसएल होता है। आमतौर पर इस किस्म के कनेक्शन को ब्राॅडबैंड के नाम से जाना जाता है। आपका कंप्यूटर एक ब्राॅडबैंड रूटर से जुडा होता है, जो एक माइक्रो फिल्टर के जरिए फोन साॅकेट औऱ माइक्रो फिल्टर लाइन को विभाजित करता है, जिसकी वजह से इंटरनेट से कनेक्ट रहते हुए भी टेलीफोन पर बात कर पाते हैं।

 आपके घर से निकल कर फोन लाइन लोकल टेलीफोन एक्सचेंज तक जाती है। उसके बाद वहां से लाइन आपको इंटरनेट की सेवा देने वाले सर्विस प्रोवाइडर यानी आईएसपी के सर्वर तक जाती है और वहां से बाकी इटंरनेट में। जिस फाइबर आँप्टिक केबल की ऊपर बात हुई है, उसका जाल महादेशों में फैला है। 



ये केबल प्रति सेकेंड ट्रिलियन्स बिट डाटा ट्रांसमिट करते है इस नेटवर्क का एक हिस्सा अंतरिक्ष में मंडरा रहे सेटेलाइट भी है हर समय आपका कंप्यूटर बेहद शाक्तिशाली सर्वर की ओर में मुहैया कराए जा रहे पेजेज को देखता रहता है। जब भी आप किसी वेबसाइट का एड्रेस टाइप का एंटर करते है तो उस वेबसाइट की ओर से सारी जानकारी सर्वर को भेजी जाती है, जहां से वह आपके कंप्यूटर तक आती है।


अब सवाल है कि जब आफ कोई एड्रेस टाइप करते हैं तो नेट सेवा देने वाले को कैसे पता चलता है कि आपके द्वारा टाइप किया गया एड्रैस कहां से मिलेगा औऱ कैसे वेबसाइट आपके सिस्टम पर डिस्प्ले होगी? इसका जवाब इंटरनेट प्रोटोकाॅल एड्रेस यानी आईपी एड्रेस है। इंटरनेट से जुडे हर कंप्यूटर का एक आईपी एड्रैस होता है। ये असल में एक नंबर होते है औऱ हर नंबर एक दूसरे से अलग होता है, जैसे टेलीफोन के नंबर्स होते है। जैसे 128.130.201.175 किसी कंप्यूटर का नंबर हो सकता है। चूॅकि ये नंबर याद रखना मुश्किल होता है, इसलिए यूजर्स की सुविधा के लिए वेबसाइट का अलग एड्रेस होता है, जिसे डोमेन नेम सिस्टम (DNS)  कहते है जैसे www.questionexam.com लेकिन इसका आईपी एड्रेस औऱ कुछ हो सकता है। अगर आप अपने ब्राउजर के एडैस बार में सीधे यह नंबर टाइप करेंगे, 


इंटरनेट का सबसे ज्यादा इस्तेमाल ईमेल के लिए किया जाता है। हर सेकेंड लाखो लोग ईमेल भेजते या रिसीव करते हैं। जिस तरह से पारंपरिक चिट्ठियों पर पता लिखा होता था, वैसे ही ईमेल के भी पते होते हैं। ईमेल एड्रैस के दो हिस्से होते हैं और ये दोनो हिस्से एट द रेट (@) से जु़डे होते हैं @ से पहले का हिस्सा लेकिन होता है। यानी किसी व्यक्ति या कंपनी का अपना नाम या उसके द्वारा तय किया नाम होता है। @ दूसरा हिस्सा डोमेन का होता है। जब भी आप कोई ईमेल भेजते हैं तो वह सबसे पहले सर्वर पर जाता। फिर सर्वर ईमेल एड्रैस के डोमेन वाले हिस्से को देखता है औऱ फिर जिसे आफ भेज रहे है उसका आईपी ये सारी सूचनाएं डोमेन नेम रजिस्ट्री में सुरक्षित रखी होती है।



 जब आपका भेजा हुआ मैसेज रही सर्वर में पहुंच जाता है तब वह ईमेल एड्रैस के लोकल हिस्से को ड्राप करता है। यह पूरी प्रक्रिया बिल्कुल पारंपरिक डाकखाने वाली है। आप जब चिट्ठी भेजते है तो वह लोकल डाकखाने में जाती है, फिर वहां से बड़े डाकखाने में जाती है, वहां से उसके गंत्वय वाले बड़े डाकखाने में जाती है, फिर वहां के लोकल डाकखाने में और अंत में जिसके पास भेजी गई होती है, उसके पास। फर्क सिर्फ तकनीक का है।

अंत में आपको यह भी बता दे कि आफके द्वारा भेजा गया मैसेज कैसे सफर करता है। जब आप कोई ईमेल भेजते है, तो वह आपके भेजते ही कई हिस्सों में बंट जाता है। इसके छोटे-2 कई पैकेट बन जाते है। हर पैकेट में कुछ डाटा होता है औऱ इमेबेडेड डेस्टिनेशन एड्रैस होता है। ये सैकेड़ो पैकेट एक साथ लेकिन स्वतंत्र रूप से इंटरनेट में सफर करते हैं। 


ये पैकेट इंटरनेट पर अलग-2 रास्ता भी पकडड सकते है, उससे कोई फर्क नहीं पड़ता है, सब एक साथ सर्वर कंप्यूटर पर पहुंचते हैं। इसलिए कहा जाता है कि आप जब कंप्यूटर स्विच आँफ करते है तो सिर्फ फिजिकली मशीन को बंद करते है आपका इंटरनेट तब भी चालू होता है औऱ आपका भेजा हुआ या आपके लिए भेजा हुआ मैसेज सफर कर रहा होता है। 

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Tuesday, May 7, 2019

window taskbar display name

विंडोज टास्कबार में प्रदर्शित करो अपना मनपसंद नाम


क्या आप चाहते है कि विंडोज एक्सपी में आपका कोई मनपंसद नाम दिखाई दे? तो इसके लिए आपको window के control panel setting edit करने का ज्ञान होना चाहिए तभी यह काम किया जा सकेगा। एक्टिविटि के लिए प्रक्रिया के अनुसार स्टेप्स अपनाएं:- how to display name in window taskbar

  • सबसे पहले अपने Admin panel के साथ लाॅगइन करें।
  • Start करने के बाद setting पर क्लिक करें और उसके बाद control panel option पर क्लिक करें। आपको regional default setting को Edit करने के regional and language option पर डबल क्लिक करें।
  • अब Standard and format एरिया के अंतर्गत customize बटन पर क्लिक करें। इससे customize regional option  के साथ एक dialogue box ओपन होगा।
  • इसक बाद customize regional option डायलाॅग बाॅक्स पर दिखने वाले Time Tab  पर Click  करें।
  • इसके उपरांत AM Symbol or PM Symbol  पर जाएं name को टाइप करें जो आफ windows taskbar में डिस्पले करना चाहते है। इस सेटिंग्स को एक्टिव करने के लिए Apply बस क्लिक करें।
  • यह प्रक्रिया पूरी होने पर OK बटन क्लिक करें। window taskbar display name

Saturday, May 4, 2019

कैसे बढ़ायें वाई-फाई सिग्नल स्ट्रेन्थ kaise wifi ki strength speed increase kare



कैसे बढ़ायें वाई-फाई सिग्नल स्ट्रेन्थ

यदि आपके लैपटाॅप में वाई-फाई बिल्टाइन है किंतु किसी वजह से पूरे सिगनल नहीं मिल रहे है तो कुछ सरल सी टिप्स से इन सिग्नल स्ट्रेन्थ को पावरफुल बना सकते है--

  1. बदल डाले वाई-फाई चैनल 

    आपको बता दे कि सभी वाई-फाई राइटर एक निर्धारित चैनल पर आपरेटर करते है। शुरू में राउटर सेटअप करते ही एक निश्चित चैनल बाई-डिफाॅल्ट चूज किया जाता है। अधिकतर राउटर्स पावरफुल वाई-फाई सिगनल के लिए ऐसे चैनल चुनते है जिस पर कम ट्रैफिक हो तो आप भी कम ट्रैफिक वाले चैनल को खोजे औऱ उसी पर राउटर का चैनल सेट कर दे।
      

    2. वायरलेस राउटर की पोजीशन बदल डालें 

    सिगनल स्ट्रेन्थ बढाने के लिये वाई फाई राउटर की पोजीशन को ठीक करके किसी सेंट्रल लोकेशन पर ऱखे कि उसकी रेंज सही हो जायें

    3. राउटर फर्मवेयर रखे अपडेट

    वाई फाई के कनेक्शन कनेक्टीविटी औऱ सिगनल आँफटिंग के लिए वाई फाई राउटर फर्मवेयर का उपयोग होता है जिसे निरंतर अपडेट करना पड़ता है। ऐसा न होने पर भी सिगनल स्ट्रेन्थ कमजोर पड़ जाती है और कनेक्टिविटी संबंधी समस्याएं आने लगती है। अपडेट संबंधी नोटिफिकेशन पर ध्यान रखे औऱ जरूरत पड़ने पर तुरंत अपडेट करे।

    4. अनउपयोग एप हटाये टास्क मैनेजर से- 

    अक्सर बैकग्राउंड में चलने वाले अनुपयोगी एप भी सिग्लन स्टेन्थ में बाधा डालते है। यदि लेना है तो टास्क मैनेजर के होते एप्स के बारे में पता कर उन्हे डिसेबल कर दे। जिससे कि सिंग्नल स्टैन्थ के साथ-साथ लैपटाॅप की स्पीड भी बढ़ सके। how-to-increase-wifi-strength

    5. डीडीडब्लूआरटी साॅफ्टवेयर बढ़ाए सिगन्ल स्ट्रेन्थ

    यह ओपन सोर्स साॅफ्टवेयर राउटर की परफाॅमेस को अच्छा बनाता है और इससे राउटर के फीचर रूट भी बेहतर होते है। इसके उपयोग से सिगनल का नेटवर्क भी तेज होता है किंतु इसे इंस्टाल करने से पहले एक बात का ध्यान रखें कि आपके राउटर की वारंटी खत्म हो जाएगी। इसलिए सही जानकारी के बाद ही इसका उपयोग करें। 

Sunday, April 28, 2019

How to search temp folder


आसानी से सर्च करें बेकार फोल्डर

लैपटाॅप (Laptop) फिर पीसी में कई बार अपने आप खाली फोल्डर क्रिएट हो जाते है जैसे मान लिजिए आपने आँनलाइन कोई मूवी डाउनलोड की मूबी डाउनलोड करते समय फाइल के साथ कई पिक्चर फाइल्स भी सेव हो जाती है जिनका कोई यूज नहीं होता या फिर कई बार कोई साॅप्टवेयर करते समय खाली फोल्डर अपने आप क्रिएट हो जाते है। दिक्कत तो तब होती है जब ये फोल्डर किसी ऐसी जगह सेव हो जाते है जहाॅ पर इन्हें सर्च करना नामुकिन होता है।How to search temp folder


Folder Size फोल्डर साइज -

फोल्डरसाइज साॅफ्टवेयर आपके पीसी पड़े फोल्डरो को सर्च कर उन्हें डिलीट कर देता है। इसके अलावा ये पीसी में सेव सभी जीरो साइज फोल्डरों की लिस्ट भी देता है। लिस्ट में से आप जो भी फोल्डर डिलीॉ करना चाहते हैं उसमें राइट क्लिक करके डिलीट कर सकते है।

Fast Empty folder finder फास्ट एंपटी फोल्डर फाइंडर-

 फास्ट फोल्डर फाइडर आपके पीसी में सेब सभी खाली फोल्डरो को स्कैन करके उसका प्रिव्यू दिखाता है, इसके अलावा इसमे दिया गया प्रिव्यू सपोर्ट आपको फोल्डर के अंदर सर्च करने का आँप्शन देता है।

रिमूव एंपटी डायरेक्टरी Remove Empty Directory

 पीसी में सेव सभी डायरेक्टरी को सर्च करके उसे डिलीट कर देता है। इसके अलावा आप चाहें तो खुद सेटिंग करके फोल्डर डिलीट करने के आँप्शन सेट कर सकते है। 


एंपटी टैंप फोल्डर Empty Temp Folder

Empty Temp Folder सिर्फ आपके पीसी में सेव खाली फोल्डर डिलीट करता है बल्कि पीसी में सेव कई बेकार डायरेक्टरीज भी हटा देता है। आप सिर्फ एक क्लिक से पीसी में सेव सभी खाली फोल्डर और डिस्ट्री फाइल डिलीट कर सकते है।