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Wednesday, November 28, 2018

Type of Virus वायरस के प्रकार

Type of Computer Virus कंप्यूटर  वायरस के प्रकार


  • बूट सेक्टर वायरस  (Boot Sector)
  • फाइल वायरस  (File Virus)
  • अन्य वायरस (Other Virus)

बूट सेक्टर वायरस  (Boot Sector) :

इस प्रकार के वायरस हार्डडिस्क या डाॅस बूटेबल फ्लापी के शून्य सेक्टर में अपना संक्रण फैलाते है। यह वायरस हार्डडिस्क में मौजूद विभाजन सारणी को भी बदल देते है। इस प्रकार के वायरस कंप्यटूर के चालू होते ही स्वयं पहले प्रचालन प्रणाली के प्रोग्राम के स्थान परर स्वयं मेमोरी में स्थापित हो जाते है। बूट वायरस कंम्यूटर की मैमोरी में तब भी स्थापित हो सकता है जब किसी भी अन्य डिस्क का शून्य सेक्टर डिस्क प्रचालन करेंगा, परन्तु को पढने नाॅन सिस्टम डिस्क एरर  प्रदर्शित करेगा, परन्तु तब तक वायरस मैमोरी में स्थापित हो चुका होगा। अब कम्यूटर में बूट डिस्क लगाने पर कंप्यूटर स्मृति में स्थित वायरस यदि डिस्क Write protect नहीं है, तो इस डिस्क में प्रवेश कर सकता है। कुछ प्रमुख एवं प्रचलित बूट सैक्टर वायरस है : सी-ब्रेन, स्टोन, पिंगपांग,जैरुसलम,पैंटागन आदि।

फाइल वायरस (File Virus):

जैसा कि ना से ही स्पष्ट्र है, इश प्रकार के वायरस कंप्यूटर की प्रोग्राम फाइलों में प्रवेश कर जाते है। ये वायरस COM, EXE, SYS, तथा BIN फाइलो को ही अपना शिकार बनाते है। सामान्यत: EXE तथा COM फाइलो पररर इनका प्रभाव देखा जाता है। वह वायरस फाइलो से स्वयं को जोड लेता है। इसके प्रभाव से पहले यह वायररस स्वयं क्रियान्वित होता है, बाद में उस फाइल को क्रियान्वित होने देता है यह इन फाइलो के आकार को भी प्रभावित करता है।

अन्य वायरस (Other Virus)

उपरोक्त बूट सेक्टर वायरस तथा फाइल वायरसों के अतिरिक्त कुछ अन्य वायरस भी होते है, जो कंप्यूटर में संग्रहीत, प्रोग्रामों तथा आंकडो को भारी क्षति पहुंचाते है इन अन्य वायरसो में प्रत्येक की कार्यशैली भिन्न-भिन्न होती है

वायरस से बचाव

वायरस प्रोग्रमों के विस्तार के साथ बचाव के लिए कुछ हार्डवेयर तथा साॅफ्टवेयरों का भी विकास हुआ है। ऐसे हार्डवेयर कार्ड कंप्यूटर में लगा देने से यादि कोई वायरस अनाधिकार प्रवेश की चेषठा करता है तो कंप्यूटर एक चेतावनी देता है। इसी साॅफ्टवेयर आपके कंप्यूटर सिस्टम की जांच  करके बता सकते है कि उसमे वायरस है या नहीं और यदि है तो उन्हे निकाला भी जा सकता है ऐसे Program   को Virus Detection and Cleaning Program कहा जाता है। परन्तु ये प्रोगाम हमेशा सफल नहीं होते, वायरस से विनाश का सन्देश बना ही रहता है 

सावधानी  :

कंप्यूटर वायरस से सुरक्षा का सर्वोत्म उपाय तो यही है कि उन्हे कम्प्यूटर में प्रवेश ही  ने करने दिया जाए। इसके लिए कंप्यूटर का प्रयोग करते समय हमे  कुछ सावधानियां रखनी होगी।


  • किसी की माॅगी गई CD, Pen Drive, harddisk  को अपने कंप्यूटर में न लगाएं
  • अपनी सीडी बूटेबल फ्लाॅपी डिस्क को भी Write Protect करके रखना चाहिए।
  • अपनी हार्डडिस्क के सभी प्रोग्राम व मूल्यवान डेटा का पूरा बैकअप रखना चाहिए, ताकि यदि हार्डडिस्क वायरस से संक्रमित हो जाए, और हार्डडिस्क को फाॅरेन्ट करना पड जाए तो थोडे समय में ही उसे पुन: उपयोगी बनाकर उस पर कार्य आरम्भ किया जा सके।
  • Anti virus  को अपग्रेड करके अपडेट करना चाहिए।
  • अपने कंप्यूटर को समय समय पर अपडेट करना चाहिए

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