Learn Tips and Tricks in hindi: ई-मेल तकनीकी परिचय Email Fundamental Technology

Friday, December 28, 2018

ई-मेल तकनीकी परिचय Email Fundamental Technology

आज के समय ई-मेल (इलेक्ट्रनिक मेल), मैसेज, वाॅइस, वीडियो और डिजिटल कम्यूनिकेशन लिंक पर ग्राफिक, इंटरनेट के माध्याम से विश्व में कहीं भी बहुत सी सस्ते दर में PC  पर भेजने कि विधि है। तकनीकी रूप से ई-मेल एक क्लाइट/सर्वर एप्लिकेशन का एक प्रकार है, जो किसी दो ई-मेल एकाउंटस के बीच सेवा देती है। क्योकिं सभी आधुनिक कम्प्यूटरो को इंटरनेट से कनेक्ट किया जा सकता है और उपभोक्ता कहीं भी इंटरनेट के माध्यम से कनेक्ट किया जा सकता है

कुछ निम्नलिखित लाभ भी  है

  • आप अपने ई-मेल सेटअप भी देखभाल से बचते हैं।
  • जब मैसेज की संख्या कम होती है, तो अपना ई-मेल सेटअप बहुत मुल्यसार्धक नहीं होता है।.
  • आपका ई-मेल एड्रेस आपको आईडेटिपाइ या पहचान नहीं करेंगा, इसलिए भेजने वाले के लिए आपको ढूंढना आसान नहीं होता और आप यूजलेस मेल काॅल या जंक मेल पाने से सुरक्षित रहते है।

आापके अपने ई-मेल सर्वर के निम्नलिखित फायदे है।

  • आप अपना ई-मेल सर्वर को रन करते है औऱ अपने वेब पेज को हाॅस्ट कर सकते है।
  • ई-मेल सर्वर का प्राथमिक खर्च कुछ अधिक होता हॉै लेकिन जैसे- जैसे आफके ई-मेल की संख्या बढती है, आपका ओवरहेड खर्च नहीं बढ़ेगा। इसलिए प्रत्येक मैसेज की कीमत कम हो जायेगी है। 

ई-मेल नेटवर्क और सर्वर

इलेक्ट्रानिक मेल सिस्टम का सबसे पहला घटक है, पोस्ट आॅफिस यह एक जगह जो शेयर्ड हार्डडिस्क पर मेल के लिए आरक्षित होती है। पोस्ट आॅफिस एक सेंट्रेल मैसेज होल्डर का काम करती है औऱ इसके अन्दर प्रत्येक यूजर के लिए इन मैसेज आउट दोनो बार्केट होती है, एक मैसेज भेजने के लिए भेजे वाले के आउट बार्केट के साथ औऱ पाने वाले के इन बास्केट के साथ ेक लिंक बन जाता है।
मेल रिसीव करने के विधियाॅ सिस्टम की पर निर्भर करती है। जब एक बहुउद्देशीय पर्सनल कम्प्यूटो औऱ वर्क स्टेशनो का प्रायो होता है तो मेल, यूजर्स तक तब भी पहुंच सकती है, जब वे कुछ औऱ काम कर रहे होते है।  तो यूजर्स को अफने मेल बाक्स को संट्रल सिस्टम या फाइल सर्वर में खोजना पडेगा।

इंटरनेट पर ई-मेल कैसे काम करती है ?

ईे-मेल इंटरनेट पर सबसे अधिक प्रयोग होने वाला फीचर है। बिल्कुल एक आॅनलाइल सेवा की तरह इसका उपयोग करके किसी भी व्यक्ति या कम्पनी को जो इंटरनेट से जुडे है, या कम्प्यूटर नेटवर्क से जुड़े है , को मैसेज भेज सकते है। ई-मेल मैसेज अधिकांशत: इंटरनेट डाटा की तरह भी भेजी जाती है। TCP प्रोटोकाॅल आपके मैसेज को पैकेट में तोडता है और IP प्रोटोकाल आपके मैसेज को  इन्हे इनकी असली लोकेशनो में भेजता है औऱ फिर TCP इन पैकेट के दूसरी तरफ जोडता है जहाँ पर मेल भेजनी है, जिससे कि मैसेज पढ़ा जा सके । आप बाइनरी फाइल भी अपने ई-मेल मैसेज में शामिल कर सकते है जैसे पिक्चर विडियो, साउण्ड और एक्जिक्यूटेबल फाइल इ्त्यादि। इंटरनेट में यह क्षमता नहीं होती कि वह ई-मेल में बाइनरी फाइल को हैण्डल कर सके । कई ई-मेल साॅफ्टवेयर पैकेट इसे आॅटोमैटिकी करते है जब आप इंटरनेट पर किसी को ई-मेल भेजतेे है तो वह मैसेज कई नेटवर्क से होकर अपने गन्तव्य तक पहुंचाती है। विभिन्न नेटवर्क  विभिन्न ई-मेल के फारमेट को ट्रांसलेट करने का काम करता है , क्योकिं मैसेज को इंटरनेट के सभी नेटवर्क से होकर गुजरना होता है।

ई-मेल इंटरनेट पर सबसे अधिक प्रयोग होने वाला फीचर है।बिल्कुल एक आॅनलाइन सेवा की तरह इसका उपयोग करके किसी भी व्यक्ति कंपनी को जो इंटरनेट से जुडे है, या कंम्प्यूटर नेटवर्क से जुडे है, को मैसेज भेज सकते है।

 

ई-मेल अटैचमेंटस (Email Attachment) :

ई-मेल मैसेज आजकल औऱ भी आकर्षक हो गयी है, क्योंकि इसमें यूजर्स को कोई फाइल किसी ई-मेल के साथ अटैच करने की भी सुविधा मिलती है। कोई भई फाइल  फाॅर्मेट-जैसे वर्ड प्रोसेसिंग डाॅक्यूमेंट स्प्रेडशीट, इमेज या विडियो फाइल इत्यादि, मैसेज के साथ अटैच की जा सकता है। ई-मेल अटैचमेंट के रुप में डाटा की सूविधा दे ती है, ई-मेल मैसेज में वायरस नहीं होती है, पर यह अटैचमेंट के द्वारा भेजी जा सकती है इसलिए आपको किसी वायरस डिटेक्शन साॅफ्टेवर  द्वारा जैसे McAfess virus / Nortoon Antivirus  द्वारा मैसेज या अटैचमें खोलने से पहले इसकी जांच कर लेनी चाहिए।

कार्बन काॅपी (Carbon Copy)

इसमें आफ मेल की कार्बन काॅपी पाने वाले के अलावा किसी औऱ को भी मेल भेज सकते है। इससे पहले पाने वाले को दूसरे व्यक्ति के बारे में परिचय मिल जाता है।
ब्लाइंड कार्बन काॅपी (BCC) इस आॅप्शन में मेल पाने वाले को दूसरे मेल पाने वाले का नाम पता  नहीं चलता है

 
Carbon Copy
Carbon Copy

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